• मतलब की दुनियां है ये मतलब के सब मीत हैं जिंदगी की कैसी ये रीत है! रोती हूं तो कोई साथ न देता सब ...
  • नहीं चाहिए मुझे वो गुमनाम जिंदगी जिसमें होती है अत्याचारों की गंदगी नहीं चाहिए मुझे वो दौलत के महल जहां घृणा और स्वार्थ पलता ...
  • तुम्हारा मेरी जिंदगी में आना…. जैसे शांत समुंदर में मौजों का शोर मचाना जैसे कड़कड़ाती ठंड में सुबह की गुनगुनी धूप का निकल आना ...
  • वह रिश्ते जो खड़े होते हैं शक और अविश्वास की बुनियाद पर ढह जाते हैं रेत के घर-घूलों की तरह इन रिश्तों का कोई ...
  • कल मैंने देखा था तुम्हें अपने जन्मदिन के एक समारोह में गरीबों को कंबल,अनाज,फल और रूपये बांटते हुए और आज उस गरीब को तुमने ...
  • तुम पतझड़ में उजड़े हुए बाग की तरफ देखते ही क्यों हो….! खिले हुए चमन को देखो ना तुम ठहरे हुए तालाब के पानी ...
  • अब बदल गया जमाना है यहाँ हर कोई दौलत का दीवाना है इंसा का ईमान है दौलत दौलत ही भगवान है दौलत से आंकी ...
  • हम उन्हें बुराई का बदला अच्छाई से देते रहे उनकी हर नफरत का जबाब प्यार से देते रहे क्योंकि हम जानते हैं कि बुराई ...
  • शक खड़ी कर देता है इंसानों के बीच नफरत की एक दीवार शक बड़ा देता है रिश्तों में दूरियां शक पैदा कर देता है ...
  • जो कुछ तुम्हें मिला है क्यों उससे संतुष्ट नहीं हो तुम…! जो नहीं मिला क्यों उसे पाना चाहते हो…! जो कभी नहीं मिल सकता ...