• 179
    0

    जब भी मैं मिसेज खन्ना के घर जाती हूं उनके बच्चे अक्सर टीवी देखते मिलते हैं!स्कूल से आकर जैसे-तैसे यूनिफॉर्म चेंज करते हैं और बस टीवी ...
  • 254
    2

    मतलब की दुनियां है ये मतलब के सब मीत हैं जिंदगी की कैसी ये रीत है! रोती हूं तो कोई साथ न देता सब मुझसे घबराते ...
  • 323
    0

    नहीं चाहिए मुझे वो गुमनाम जिंदगी जिसमें होती है अत्याचारों की गंदगी नहीं चाहिए मुझे वो दौलत के महल जहां घृणा और स्वार्थ पलता हो हरपल ...
  • 204
    0

    अनूठी को आज तक अफसोस है अपने बचपन को बचपन की तरह न जी पाने का!इस दुनियाँ में हर इंसान परिस्थतियों का गुलाम होता है अनूठी ...
  • 350
    0

    तुम्हारा मेरी जिंदगी में आना…. जैसे शांत समुंदर में मौजों का शोर मचाना जैसे कड़कड़ाती ठंड में सुबह की गुनगुनी धूप का निकल आना तुम्हारा मेरी ...
  • 330
    0

    “ए का कर रहा है तू….कहां था इतने दिनों से” खेत में हल जोत रहे हरिया की पीठ पर हाथ रखकर बोली बसंती। बसंती के अचानक ...
  • 321
    0

    वह रिश्ते जो खड़े होते हैं शक और अविश्वास की बुनियाद पर ढह जाते हैं रेत के घर-घूलों की तरह इन रिश्तों का कोई अस्तित्व न ...
  • 379
    10

    मेरी परीक्षायें समाप्त हो चुकी हैं!अब जैसे-जैसे रिजल्ट आने का समय करीब आता जा रहा है मेरे दिल की धड़कन बढ़ती जा रही है!इतनी कोशिशों के ...
  • 356
    2

    कल मैंने देखा था तुम्हें अपने जन्मदिन के एक समारोह में गरीबों को कंबल,अनाज,फल और रूपये बांटते हुए और आज उस गरीब को तुमने अपने दरवाजे ...
  • 345
    0

    अरे आरोही!तू यहां….?अपनी फास्ट फ्रेंड आरोही को पूना की एक फाइव स्टार होटल में अचानक देखकर राहा बोली! हाँ यार!तुझे पता है मुझे भी पूना में ...